कामिनी की कामुक गाथा (भाग 77)

पिछली कड़ी में आपलोगों नें पढ़ा कि किस तरह मैं हर्षवर्धन दास, जो एक आर्किटेक्ट सह सिविल अभियंता सह बिल्डर थे, हमारे नये भवन के निर्माण की जिम्मेदारी निभा रहे थे, की कामुकता का शिकार बनी। बाप रे बाप, बड़ा ही डरावना अनुभव था। उसके लिंग की भयावहता से में आतंकित हो गयी थी। किंतु … Continue reading कामिनी की कामुक गाथा (भाग 77)

गोवा ट्रिप

दोस्तों मेरा नाम आकाश है. मैं वैलेंटाइन डे के दिन अकेला घर पर पड़ा टीवी देख रहा था क्यूकी मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी. मेरी बड़ी दीदी कनिका अपने दोस्तों के साथ घूमने जा रही थी. दीदी ने मुझे अकेला देखा और पूछा दीदी: आकाश आज तू अकेला क्या कर रहा है.. जा अपनी गर्लफ्रेंड … Continue reading गोवा ट्रिप